जान बचाने के लिए धातु का घेरा तोड़ भागी गाय ! मजदूर की बाँह तोड़ और झील तैर कर बचायी जान
चाहे क्विन्स, न्यूयार्क की गलियों में भाग रही गाय का मामला हो या ट्रक के पीछे से कूद कर भाग रहा सूअर, अपनी जान बचाने के लिए ये पशु एक हद तक जा रहे हैं। लेकिन पोलैण्ड की इस गाय की कहानी इन घटनाओं को एक अलग ही स्तर पर ले जा रही है।

दक्षिण पोलैण्ड के लेक न्यासा के निकट मिस्टर लुकास्ज़ नामक किसान जब गायों को नजदीक के वधशाला में भेजने के लिए ट्रक पर चढ़ा रहा था तो एक गाय भाग निकली।

धातु के घेरे को तोड़ कर झील की तरफ़ भाग रही गाय ने उसे पकड़ने की कोशिश कर रहे मजदूर की बाँह तोड़ने के बाद पानी में छलांग लगा दिया और तैरते हुए झील के बीच में स्थित एक टापू पर जा पहुँची।

एक सप्ताह तक गाय को पकड़ने की कोशिश करने के बाद, किसान ने हार मान लिया और उसे खाना देने लगा ताकि बेचारी पशु जीवित रह सके। स्थानीय अग्निशामक दल उसे पकड़ने के लिए अपनी नाव से टापू तक गए किन्तु गाय तैर कर नजदीकी प्रायद्वीपीय स्थल पर भाग गयी।

पकड़ने में नाकाम रहने पर इस निर्दय किसान ने गाय को गोली मार देने का विचार किया लेकिन स्थानीय राजनेता पावेल कुकिज़ ने गाय को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया ताकि वह गाय अपना शेष जीवन शांतिपूर्वक जी सके। कुकिज़ ने फ़ेसबुक पर पोस्ट किया कि गाय को बचाने वालों को पैसा दिया जाएगा

पोलैण्ड की समाचार पत्रिका Wprost के अनुसार कुकिज़ ने कहा कि वे कोई शाकाहारी नहीं हैं, लेकिन इस गाय की दृढ़ता और जीजिविषा अमूल्य है। अतएव, उन्होंने इस गाय को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास करने का निश्चय किया। इस प्रकार उस गाय को दीर्घ अवकाश-प्राप्त जीवन और प्राकृतिक मृत्यु का उपहार मिल गया।

अनेक पालतू पशु अपने जीवन के लिए लड़ते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर इस गाय की तरह सौभाग्यशाली नहीं होते। कुछ ही दिनों पहले आस्ट्रेलिया में एक बैल ने अपनी जान बचाने के लिए एक चलते हुए निर्यात-जहाज से छलांग लगा दिया था लेकिन दुर्भाग्यवश तैरते-तैरते किनारे तक पहुँचने से पहले ही वह थक कर मर गया।

हर साल करोड़ों गाय, सूअर, मुर्गे-मुर्गी और मछलियाँ निर्दयतापूर्वक मार कर खा लिए जाते हैं और अनेक हताश होकर अपने क्रूर भाग्य से बचने का प्रयास करते हैं। हमारे प्यारे-प्यारे पालतू कुत्ते-बिल्लियों की तरह ही समझदार एवं संवेदनशील होने के बावजूद, फ़ार्म्ड पशुओं को अकल्पनीय पीड़ा का शिकार होना पड़ता है। गंदे आवास, बर्बर अंगभंग, और कठोर क़ैद के अधीन रहने के लिए विवश होना पड़ता है।


हम पहले भी कह चुके हैं और अभी भी कहते हैं: कोई भी पशु आपका भोजन बनने के लिए मरना नहीं चाहता।

यदि आप भी इस गाय की पीड़ा से आहत हैं लेकिन फिर भी पशु उत्पादों का उपभोग कर रहे हैं तो समय आ गया है कि आप अपने खान-पान की आदतों को अपने विचार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप कीजिए। दया का मार्ग अपनाइए और गाय एवं अन्य पशुओं को अपनी थाली से अलग कीजिए। शुरु करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए।
व्यंजनों, नए उत्पाद टिप्स, और बहुत कुछ के साथ सूचित रहें
और शाकाहारी समाचार