यह चीज़ क्या है आप जरा जान लीजिए
हम यह अक्सर सुनते हैं कि "मैं तो पूर्ण शाकाहारी हो जाऊँ, लेकिन चीज़ या पनीर मुझे बेइंतहा पसंद है। पर जिस दुग्ध-उत्पाद चिज़ या पनीर से आप इतना प्यार करते हैं, क्या आपको उसके बारे में सब कुछ पता है? जब हम वनस्पतिक आहार की बात करते हैं तो लोग न केवल सिद्धांततः सहमत होते हैं बल्कि वे मांसाहार को त्यागने की कोशिश भी करते हैं लेकिन इस क्रम में वे दुग्ध उत्पाद (डेयरी प्रोडक्ट) को भूल जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि दूध एक पवित्र पदार्थ है। इस प्रकार, पशुओं की सहायता के लिए उत्सुक होने के बावजूद वे पूर्णतः वनस्पतिक आहार नहीं अपना पाते हैं। अनेक लोगों को इस बात का अहसास नहीं होता कि एक ग्लास दूध, एक कप दही, एक चम्मच घी या मक्खन, चीज़ या पनीर के एक ढेले में पशुओं की आजीवन पीड़ा छुपी होती है।

आइए, एक नजर डालते हैं तथ्यों पर।

चीज़ एक डेयरी उत्पाद है जिसे दूध में निहित प्रोटीन कैसिन के स्कंदन के द्वारा बनाया जाता है। यह अलग-अलग रंग और स्वाद में उपलब्ध होता है। चीज़ का एक मुख्य तत्व फ़ैट या वसा होता है। वास्तव में, अमेरिका में संतृप्त वसा का सबसे प्रमुख स्रोत डेयरी ही है।

अधिकतर चीज़ गाय के दूध से बनाया जाता है। निरंतर दूध देते रहने के लिए गायों को बारंबार बलात गर्भधारण करना पड़ता है। (जी हाँ, सभी स्तनपायी प्राणियों की तरह, गाय का दूध भी उनके बच्चों के लिए होता है।) यह गर्भधारण कृत्रिम प्रक्रिया से होता है जो निहायत ही आक्रामक एवं तनावपूर्ण प्रक्रिया है।

मनुष्यों की तरह ही अपने गर्भ में नौ महीने तक बच्चे को पालने के बाद गाय उन्हें जन्म देती है। नवजात बछड़े-बछड़ियों को जन्म के महज कुछ घंटे बाद ही उनकी माओं से दूर कर दिया जाता है। और हाँ, यह असाधारण क्रूर अभ्यास सभी डेयरी फ़ार्मों पर सामान्य रूप से चलता है, तथाकथित आर्गेनिक और ‘हैप्पी’ डेयरी फ़ार्मों पर भी।

समझा जा सकता है कि इससे नवप्रसूता गायों को कई घंटे और कई बार कई दिनों तक तनाव से गुजरना पड़ता है। बेचारी गायें व्यर्थ में अपने चुराये गए बच्चों को परेशान होकर खोजती रहती हैं। यह यंत्रणा भी हर डेयरी फ़ार्म पर सामान्य रूप से चलती है।

2013 में, न्यूबरी, मैसाच्युएट्स के निवासियों को एक निकटस्थ डेयरी फ़ार्म पर गाय के रुदन के कारण पुलिस को बुलाना पड़ा था। जाँच के बाद अधिकारियों ने पाया कि यह रोने की आवाज़ शोकाकुल गायों की थी जिनके नवजात बच्चों को उनसे छीन लिया गया था। है न, हृदयविदारक?


वैज्ञानिकों ने साबित किया है कि माँ-बच्चों का सबंध केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है। जरा उस पीड़ा और तनाव की कल्पना कीजिए जो गोमाताओं पर हर बार गुजरती है जब वे बार-बार अपने बच्चे को मारे-काटे जाने के लिए ही पैदा करती है।

माँ की दुस्सह पीड़ा ही काफ़ी नहीं है। उनके बच्चे को भी निष्ठुर भाग्य का सामना करना पड़ता है। नर बछड़े को मांस (वील) के लिए मार दिया जाता है और बछड़ियों को महज इसलिए पाला जाता है कि आगे चलकर वे बूढ़ी और दुग्धरहित गायों की जगह ले सकें।

बारंबार गर्भधारण और प्रजनन के कारण गायों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। एक गाय का प्राकृतिक जीवनकाल 15 से 20 वर्षों का होता है, लेकिन तिरस्कृत और पीड़ादायी प्रजनन चक्र के कारण ये गायें केवल चार से पाँच वर्षों तक ही जी पाती हैं। जब वे दूध देने लायक नहीं रह जाती हैं तो उन्हें वधशालाओं में भेज दिया जाता है जहाँ उन्हें निर्दयतापूर्वक गोमांस (बीफ़) में बदल दिया जाता है।

डेयरी उद्योग न केवल पशुओं के लिए असाधारण रूप से क्रूर है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए भी भयानक है।

अनगिनत अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि डेयरी उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अहितकर है। उदाहरण के लिए, प्रतिदिन दो ग्लास गाय का दूध उपभोग करने से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना साठ प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इसके विपरीत, डेयरी छोड़कर सोया उत्पादों को ग्रहण करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना तैंतालिस प्रतिशत तक कम हो जाती है। डेयरी उत्पाद के सेवन से मधुमेह, मोटापा और हृदयरोग की संभावना भी बढ़ जाती है। यही नहीं, अधिक से अधिक दूध देने के लिए गायों को ओक्सीटोसिन की सूई दी जाती है, जिसके कारण दूध का उपभोग करने वाले व्यक्ति में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।

और पर्यावरण के लिए, प्राकृतिक संसाधन सुरक्षा परिषद (नेचुरल रिसोर्स डिफ़ेंस काउंसिल) ने तो चीज़ या पनीर को पाँच सबसे बेकार खाद्य सामग्रियों की सूची में डाला है। जलवायु परिवर्तन हमारे अस्तित्व को चुनौती देने वाले कारणों में अग्रणी है। खाने के लिए पाले जाने वाले पशुओं द्वारा इतना अधिक ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन होता है जितना सभी कार, विमान व परिवहन के सभी साधनों को एक साथ मिलाकर भी नहीं होता। वनस्पतिक आहार अविलंब आपके कार्बन उत्सर्जन में पचास प्रतिशत की कटौती कर सकता है।

चीज़ या पनीर पसंद करने वालों! हमें खेद है कि हम बुरी खबर लाये हैं। चाहे आप जिस भी प्रकार से चीज़ का इस्तेमाल करें, डेयरी से प्राप्त चीज़ शब्दशः सबसे बेकार वस्तु है। संयोग से कई स्वादिष्ट वनस्पति आधारित चीज़ या पनीर प्रचुरता से उपलब्ध हैं जो बेहद ही लाजवाब हैं।

तो आप किस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं? आज ही डेयरी एवं पशु उत्पादों को छोड़कर दयापूर्ण वनस्पतिक आहार अपनाइए। शुरु करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए। 
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