मुंबई को मिला पहला पूर्णतः शाकाहारी रेस्टोरेन्ट !
वनस्पति आधारित दुग्ध उत्पादन में लगातार बढ़ते निवेश और 2025 में हिंसामुक्त मांस के बाज़ार में उतने की उम्मीद के बीच भारत में वनस्पतिक आहार निरंतर बढ़ रहा है।

कितना अच्छा है न कि भारत के सबसे बड़े महानगर में पहला पूर्णतः शाकाहारी भोजनालय खुलेगा। "स्वादिष्ट भोजन जो है आपके और आपके पर्यावरण लिए अच्छा"! जी हाँ, इस मई महीने में मुंबई के मुलुँड में खुलने जा रहा है कैफ़े आरवीडी।

वीगन फ़र्स्ट के मुताबिक, मुंबई में शुद्ध शाकाहारियों की बहुत बड़ी संख्या है जबकि पूर्णतः शाकाहारी भोजन देने वाले विकल्पों की भारी कमी है। पूर्णतः शाकाहारी भोजनालय के अभाव को देखते हुए कैफ़े आरवीडी के संस्थापक रित्विक और विधि ने इसे शुरु करने का निर्णय लिया।

शुरु से ही शाकाहारी विधि को चीज, पनीर और मक्खन पसंद था। अब पूर्णतः शाकाहारी विधि अपनी व्यंजन-सूची में उन डेयरी-उत्पादों के वनस्पतिक विकल्प रखने पर विचार कर रही है। पूर्णतः वनस्पति पर आधारित आहारों वाले इस भोजनालय में तरह-तरह के सुस्वादु शाकाहारी व्यंजन उपलब्ध होंगे। इस भोजनालय की प्रस्तुति में शामिल होंगे चोकोलेट डोसा, क्लासिक फ़लाफ़ेल और हुम्मुस, बारबिक्यु टोफ़ू बर्गर और आम की मिठाइयाँ

चीज़ (मलाई) के लिए विधि की दिवानगी को जानने के बाद यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि वह अमेरिका के वनस्पतिक चीज़ निर्माता मियोको सिनर से प्रेरित थी।

हमें उनका नया ब्रांड मियोको क्रिमरी बहुत पसंद है। इसे "फेन्नोमिनल वीगन" (अद्भुत शाकाहारी) के रूप में स्थापित किया जा रहा है। एक नज़र इस पर डालते ही आपको समझ में आ जाएगा कि इसे अद्भुत क्यों कहा गया है। यह उत्पाद केवल गैर-वनस्पतिक चीज़ की नकल नहीं है, बल्कि उससे बहुत ही अच्छा है। यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है, यह पर्यावरण के लिए अच्छा है और सबसे बड़ी बात कि आप इसका उपभोग किसी गाय को पीड़ा पहुँचाए बिना करते हैं। 

रित्विक और विधि पनीर, क्रीम चीज़, हर्ब्ड मक्खन, मायोनिज और दही समेत तमाम सामग्रियाँ खुद ही बनाने का प्रयोग कर रहे हैं।

कैफ़े आरवीडी केवल शुद्ध शाकाहारी आहार पसंद करने वाले मुंबईकरों के लिए ही नहीं बल्कि फ़ैक्ट्री-फ़ार्मों पर नारकीय यातना भुगतने वाले पशुओं के लिए भी शुभ समाचार है। गाय, सूअर और मुर्गे-मुर्गियों के साथ एक बेजान वस्तु से भी बदतर व्यवहार किया जाता है और उनका छोटा-सा जीवन अकल्पनीय अत्याचारों से भर दिया जाता है। कठोर कैद, पीड़ादायक अंगभंग और नृशंस हत्या।

अब जबकि अधिक से अधिक लोग डेयरी, मांस और अंडा उत्पादन में पशुओं को दी जाने वाली बर्बर पीड़ा के विरोध में आवाज़ उठा रहे हैं, वनस्पति आधारित आहार अपनाने का इस से बेहतर समय और कभी नहीं हो सकता है। शुरु करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए।
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