यह क्या?! कंबोडिया में पैदा हो रहे ओक्जा जैसे "दोहरे स्नायु" वाले उत्परिवर्ती सूअर
न्यूज़वीक के मुताबिक, कंबोडिया के फ़ार्मों पर आनुवंशिक रूपसे बदले हुए सूअरों को पैदा किया जा रहा है। इन सूअरों में बड़े आकार की मांसपेशियां हैं, अत्यधिक उभरे हुए नितंब और विचित्र शारीरिक बनावट।

हालांकि यह सच है कि ज्यादातर सूअर भोजन के लिए पाले है और मारे जाते हैं। आनुवंशिकतानुरूप वे अप्राकृतिक रूप से बड़े आकार वाले होते हैं। इन उत्परिवर्ती सूअरों का वजन काफी अधिक होता है। विशाल मांसपेशियों के लिये नस्लीकृत किये जाने से इन सूअरों के स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव भी पड़ते हैं, जिनमें चलने-फिरने में कठिनाई भी शामिल है। फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि विशालकाय होने के कारन ये सूअर असामान्य रूप से चल रहे हैं।


सूअर, हमारे घरों में पलने और प्यार पाने वाले कुत्ते-बिल्लियों की तरह ही संवेदनशील और मैत्रीपूर्ण हैं। उन्हें अत्यधिक बुद्धिमान होने के लिए भी जाना जाता है। सूअर दुनिया में पांचवां सबसे बुद्धिमान पशु माना जाता है। वे कुत्तों की तुलना में भी अधिक स्मार्ट होते हैं।

लेकिन सूअरों के साथ करुणापूर्ण व्यवहार करने के बदले, मांस उद्योग इन्हें बेरहमी से गंदे, भीड़ भरे स्थितियों में रहने के लिए मजबूर करता है। इन्हें अत्यंत छोटे बक्से, छोटे धातु के पिंजरों में क्रूरता के साथ कैद कर रखा जाता है, जहाँ इनका घूमना-फिरना या फिर आराम से लेटना तक मुश्किल होता है। इतने कष्टों के बाद एक दिन उन्हें अकाल और हिंसात्मक मौत का शिकार होना पड़ता है।

आप खुद देख लीजिए:


मांस उद्योग सूअरों, या किसी भी जानवर के लिए उस बात परवाह नहीं करता है। यह केवल अपने मुनाफ़े की परवाह करता है। पशुओं की भलाई के लिए सबसे अच्छी बात जो हम कर सकते हैं वह ये कि दयापूर्ण वनस्पतिक आहार अपनाकर इस क्रूर उद्योग का बहिष्कार करें। आरंभ करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए।

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