बड़ी बात : यू.के. में हर 12 में से एक माता-पिता पूर्णतः शाकाहारी बच्चे का पालण-पोषण कर रहे हैं।
वाउचर कोड प्रो के एक नए सर्वेक्षण के मुताबिक, यू.के. में हर 12 में से एक माता-पित अपने बच्चों का पालण-पोषण पूर्णतः शाकाहारी कर रहे हैं।

वनस्पतिक और शाकाहारी उत्पादों पर छूट के लिए बड़ी संख्या में किये जा रहे खोजों की प्रतिक्रिया में, कंपनी ने 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों वाले 2,200 से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया। इनमें से 61 प्रतिशत माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चों के वनस्पतिक लालन-पालन के पीछे मुख्य कारण स्वास्थ्य है, जबकि 35 प्रतिशत ने कहा कि वे पशु कल्याण से संबंधित नैतिक कारणों के लिए ऐसा कर रहे हैं। शाकाहारी बच्चों के सभी माता-पिता ने कहा कि वे भी शाकाहारी हैं।

वाउचर कोड प्रो के एक प्रतिनिधि जॉर्ज चार्ल्स ने प्लान्ट बेस्ड न्यूज को बताया:

वनस्पतिक भोजन की बढ़ती लोकप्रियता के बीच बहुत से लोगों द्वारा हमारे साइट पर वनस्पतिक एवं शाकाहारी उत्पादों से संबंधित छूट की तलाश के बाद हम यह जानना चाहते थे कि क्या माता-पिता अपने बच्चों को इन निरामिष और वनस्पतिक आहारों पर पाल रहे हैं। आंकड़े हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक थे और मैं व्यक्तिगत रूप से यह जानकर चौंक गया कि, अधिकतर मामलों में शाकाहार का निर्णय माता-पिता का नहीं बल्कि स्वयं बच्चों का था।

बच्चे का पालन-पोष्ण वनस्पतिक जीवन शैली के साथ करना माता-पिता का एक सर्वश्रेष्ठ निर्णय है। 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि प्रारंभिक आयु में वनस्पतिक आहारी होने से हृदय रोग का जोखिम कम हो जाता है।

वनस्पति आधारित आहार के कारण होने वाले स्वास्थ्य सबंधी लाभ दृढ़ता से स्थापित होने के बाद, कई स्कूल अधिक शाकाहारी भोजन की पेशकश कर रहे हैं। वास्तव में, संयुक्त राज्य अमेरिका के 50 से अधिक स्कूल जिलों में निरामिष सोमवार मनाया जाता है और न्यूयार्क सिटी जिले के सभी 1,800 पब्लिक स्कूल खाने में अब कम से कम एक शाकाहारी विकल्प जरूर देते हैं

वनस्पतिक जीवन शैली में बच्चों का लालन-पालन, अनगिनत पशुओं को फ़ैक्ट्री-फ़ार्मों के नारकीय पीड़ायुक्त जीवन से बचाता है। इन फ़ार्मों पर सूअर, गाय, और मुर्गियों के साथ बेजान वस्तुओं की तरह व्यवहार किया जाता है और उनका छोटा सा जीवन कठोर कारावास, बर्बर अंगभंग, और हिंसक मौत जैसे अकल्पनीय क्रूरता से भरा होता।


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