युरोपीय वधशाला भी नहीं है अच्छे। आप स्वयं देखिए॥ “हैप्पी मीट” कंपनी के लिए ऐसे मारे जाते हैं पशु!
स्वीटज़रलैण्ड के एक पशु अधिकार संगठन, PEA—Pour l’Egalité Animale (पशु समानता के लिए) द्वारा गुप्त रूप से लिए गए एक वीभत्स वीडियो फ़ुटेज में दिखाया गया है कि पशुओं को घसीटकर वधशाला में बंद किया जाता है और उसके बाद अन्य पशुओं के सामने ही गला रेत कर उनकी हत्या कर दी जाती है।

मौडोन के वधशाला पर लिए गए इस हृदयविदारक वीडियो में दिखाया गया है कि पूरी तरह से होशो-हवाश वाले सूअर हताश होकर नृशंस हत्या से बचने का हरसंभव प्रयास करते हैं, बछरे मजदूरों के डर से दुबके हुए हैं और मारे जा रहे पशु खून से लथ-पथ ठंडे फ़र्श पर परे हुए हैं। यह सचमुच बहुत ही भयावह है।

देखिए।
पीइए के मुताबिक, इस वधशाला में लगभग 50 पशु हर हफ़्ते मारे जाते है और फिर उनके मांस को हैप्पीमीट जैसी कंपनियों में भेजा जाता है, जो दावा करते हैं कि उनके यहाँ बेचे जाने वाला मांस पशुओं को नैतिक तरीके से मार कर प्राप्त किया जाता है।

परिभाषा के अनुसार “नैतिक” शब्द का अर्थ है नीति के अनुसार सही या अच्छा। ठीक है, जरा यहाँ दिए गए वीडियो फ़ुटेज को ध्यान से देख लीजिए। यह अत्यंत ही बर्बर, नृशंस और हिंसात्मक है। इसे नैतिक कहना भी नैतिकता का उल्लंघन है।

कई युरोपीय देशों में विश्व का कठोरतम पशु सुरक्षा कानून प्रभाव में है। लेकिन स्वीटज़रलैण्ड के वधशाला पर लिया गया यह गुप्त वीडियो फ़ुटेज़ निश्चय ही निराशाजनक है। पिछले साल युनाइटेड किंगडम (इंगलैण्ड) की खाद्य मानक एजेन्सी ने एक रिपोर्ट जारी कर विस्तार से बताया था कि इन वधशालाओं पर पशुओं पर बर्बर अत्याचार किया जाता है। उन्हें ठंड से ठिठुर कर मरने के लिए छोड़ दिया जाता है, यहाँ तक कि उन्हे ज़िन्दा जलाकर भी मारा जाता है।

रिपोर्ट में अनेक अत्याचारों को दर्ज़ किया गया था। दो मजदूरों के बीच बहस के बाद एक गाय को निर्ममतापूर्वक दीवार पर पटक दिया जाता है, मुर्गे-मुर्गियों और सूअरों को पूरे होशो-हवास में ही गर्म पानी में डूबो कर मार दिया जाता है, एक गाय जिसके मुँह पर पिल्लुओं से भरा हुआ घाव है, उसे घसीटकर वध के लिए ले जाया जा रहा है। हजारों पशुओं को बिना बेहोश किए ही मारा जा रहा था।


साफ़ शब्दों में कहें तो “हैप्पी मीट” जैसी कोई चीज नहीं होती। कोई भी पशु आपका आहार बनने के लिए मरना नहीं चाहता।

मर्सी फ़ोर एनिमल ने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, लैटिन अमेरिका और ब्राज़िल के अनेक ठिकानों पर साठ से ज़्यादा जाँच करवाया और उनमें हर बार पशुओं पर उसी तरह का क्रूरतम अत्याचार का खुलासा हुआ है, जैसा ऊपर दिए गए वीडियो में दिखाया गया है।

दुखद है कि मांस उद्योग को हर साल करोड़ों पशुओं के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानूनन रूप से स्वतंत्र छोड़ दिया गया है। कोई आश्चर्य की बात नहीं कि आए दिन पशुओं द्वारा अपनी जान बचाने के लिए वधशाला से भागने की खबरें आती रहती है।

यदि यह वीडियो आपको उद्वेलित करती है और आप सच में कुछ करना चाहते हैं, तो समय आ गया है कि पशुओं की गैर-जरूरी हत्या को नकारा जाए। सभी पशु-उत्पादों का परित्याग कर हम अपना जीवन मानवीय मूल्यों पर जी सकते हैं।

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