नये अंडरकवर फ़ुटेज ने हटाया क्रूर ऑस्ट्रेलियाई मांस-निर्यात उद्योग से पर्दा
कूर ऑस्ट्रेलियाई मांस-निर्यात उद्योग का पर्दाफ़ाश करता हुआ एक क्षोभजनक अंडरकवर वीडियो ने हम सब को हिलाकर रख दिया है।

प्रशिक्षु नाविक फ़ैसल उल्लाह द्वारा प्राप्त और पिछले साल अगस्त में एबीसी एवं एनिमल्स ऑस्ट्रेलिया को दिए गये इस फ़ुटेज में भेंड़ों को गंदे एवं तंग वाड़े में गर्मी से बेदम, एक दूसरे के ऊपर लदते हुए दिखाया गया है।


फ़ुटेज में दिखाया गया है कि एक के ऊपर एक भेंड़ की लाशों की ढ़ेर लगी हुई है। वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि किस प्रकार संघीय पाबन्दी के बावजूद मेमने एवं गर्भवती भेड़ों को निर्यात जहाज पर लादकर मई और अक्टूबर के महीने में मध्य-पूर्व के देशों में भेजा जा रहा था।

इतना ही कम भयावह नहीं था किन्तु उल्लाह ने बताया कि क्रू-मेंबर (कर्मचारी) मेमनों की गर्दन काटकर उन्हें ऊपर (जहाज पर) फेंक रहे थे।

आप स्वयं ही देख लीजिए यह हृदयविदारक वीडियो:


यह पहली बार है कि एक ऑस्ट्रेलियाई मांस-निर्यात उद्योग के चलते हुए जहाज का वीडियो फ़ुटेज सामने आया है। हलाँकि उद्योग-संगठन, कृषि विभाग एवं कृषि मंत्री डेविड लिट्लप्राउड कहते हैं कि जहाज पर स्थिति दुखद और अस्वीकार्य है लेकिन सच्चाई यही है कि ये स्थिति सब जगह सामान्य है।

एक पशु चिकित्सक एवं वेट्स अगेंस्ट लाइव एक्सपोर्ट के प्रवक्ता सू फ़ोस्टर ने द गार्जियन से बात करते हुए कहा कि जब भी गर्मी में ये जहाज मध्यपूर्व की ओर जाते हैं यही तंग, गंदे एवं अत्यधिक गर्म वातावरण होता है।


पिछले 30 सालों में ऑस्ट्रेलियाई मांस-निर्यात उद्योग ने लगभग बीस करोड़ पशुओं को मध्यपूर्व में निर्यात किया होगा। इस दौरान, लगभग पच्चीस लाख पशु जहाज पर चढ़ाने और उतारने में मरे होंगे और अनगिनत पशु को चोट, घाव, रोग एवं तनाव का शिकार बने होंगे।

ये महसूस करने वाले सजीव हैं, कोई वस्तु नहीं।

हर साल करोड़ों गाय, भेंड़, सूअर मुर्गे-मुर्गियाँ एवं मछली को निर्दयतापूर्वक मारकर खा लिया जाता है। हमारे प्यारे-प्यारे कुत्ते-बिल्लियों की तरह ही समझदार एवं संवेदनशील होने के बावजूद फ़ार्म्ड पशुओं को अकल्पनीय यातना का शिकार होना पड़ता है। इन्हें गंदे परिस्थितियों में कठोर कैद, बर्बर अंगभंग, और नृशंस मौत का सामना करना पड़ता है।

सौभाग्य से हम सब के पास इतनी क्षमता है कि स्वाभाविक रूप से हिंसायुक्त पशु उत्पादों का त्यागकर एवं करुणापूर्ण वनस्पतिक विकल्पों को अपनाकर पशु-दुर्व्यवहार पर अंकुश लगा सकते हैं।

तो आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं? शुरु करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए। 
व्यंजनों, नए उत्पाद टिप्स, और बहुत कुछ के साथ सूचित रहें
और शाकाहारी समाचार