भारत में लोकप्रिय होता शाकाहार
अँग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ में प्रकाशित एक हालिया आलेख में भारत में शाकाहार की बढ़ती लोकप्रियता को चिन्हित किया गया है। क्योंकि अनेक दक्षिण भारतीय व्यंजन पहले से ही पूर्णतः वनस्पतीय हैं और डेयरी-प्रोडक्ट्स के बदले सोया-मिल्क जैसे स्थानाप्पन खाद्य पदार्थों की सुलभता के कारण देश में शाकाहारी भोजन अपनाना पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो रहा है।

पूर्ण शाकाहारी (वीगन) आहार लेने वाले भारतीय सांबर, रसम, इडली और डोसा जैसे व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते हैं। भारत में ‘शाकाहार-प्रिय शहर’ नाम से लोकप्रिय चेन्नई में आप ब्रांड टेरा के ‘बनाना कोकोनट स्मूदी’ जैसे हिंसारहित भोज्य का आनंद ले सकते हैं।

वैसे भारतीयों के शाकाहर अपनाने के कई कारण हैं। मधुमेह जागरुकता ग्रुप SHARAN की संस्थापक, चेन्नई निवासी डा. नंदिता शाह कहती हैं कि वे अपने माता-पिता को साबुत अनाज और शाकाहारी भोजन लेने की सलाह देती हैं क्योंकि इनके अनेक स्वास्थ्यकर गुण होते हैं।

अनेक लोग पर्यावरण के प्रति चिंता के कारण शाकाहार की ओर प्रवृत्त होते हैं। और सबसे बढ़कर पूर्ण-शाकाहार (veganism) पशुओं को निर्दयता से बचाता है और उनके अमूल्य जीवन की रक्षा करता है।

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